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आशीष कुमार, बतौली (सरगुजा)
सरगुजा के बतौली ब्लॉक में पिछले दो दिनों से अर्नव तूफान का कहर देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश से पूरा क्षेत्र तरबतर है, वहीं ग्राम पंचायत करदना के आश्रित ग्राम बागपानी के मिडिल स्कूल में लगा टिन-एस्बेस्टस तेज हवा में उड़ गया। छत उड़ने से बारिश का पानी पूरी कक्षाओं में भर गया।
गनीमत रही कि पूरे छत्तीसगढ़ में शनिवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई थी, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी और स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ बड़ा हादसा घट जाता।
बतौली ब्लॉक के दूरस्थ पहाड़ी कोरवा क्षेत्र बागपानी में पहुँचविहीनता के कारण कई वर्ष पूर्व शासन-प्रशासन द्वारा मिडिल स्कूल की छत में टिन-एस्बेस्टस लगाकर शाला का संचालन किया जा रहा था। वर्षों पुराना जंग खाया यह एस्बेस्टस शनिवार को तेज तूफान में उड़ गया, जिससे स्कूल का कक्ष पानी से लबालब भर गया। छुट्टी होने से स्कूल बंद रहा और यहाँ अध्ययनरत छात्र-छात्राएं बाल-बाल बच गए।
अब शाला संचालन की दुविधा
बागपानी मिडिल स्कूल की छत उड़ने से शिक्षकों को शाला संचालन की चिंता सता रही है कि बच्चों को कहाँ बैठाकर पढ़ाया जाए। वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
ग्राम बागपानी पहुँचविहीन
बतौली के ग्राम पंचायत करदना का यह आश्रित ग्राम बरसात आते ही पहुँचविहीन हो जाता है। शिक्षक-शिक्षिकाएं भी पैदल चलकर स्कूल पहुँचते हैं। ग्रामीणों को राशन लेने के लिए 7 किलोमीटर पगडंडी पर झेलेगी के सहारे करदना जाना पड़ता है और जो सक्षम हैं उन्हें 25 किलोमीटर घूमकर गाड़ी से राशन लाना पड़ता है।
ग्रामीणों की मांग – सड़क सहित स्कूल की तत्काल मरम्मत हो
आजादी के 77 वर्षों बाद भी पक्की सड़क को तरस रहे बागपानी के ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मिडिल स्कूल की मरम्मत कराने और पक्की सड़क प्रदान करने की मांग की है।
