बतौली में शाला समिति के अध्यक्ष चयन पर बवाल कक्षा 10 वीं के छात्रा ने लगाया धोखे से अभिभावक बनाकर अध्यक्ष बनाने का आरोप मामले का प्रशासन से शिकायत कर दोषियों पर कड़ी करवाई की मांग

पब्लिक न्यूज सरगुजा डॉट कॉम।


आशीष कुमार
बतौली (सरगुजा)

सरगुजा के बतौली में शाला समिति के अध्यक्ष के चयन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है जहां जिस बच्ची के नाम पर अभिभावक बन कर अध्यक्ष बनाए गए अब वहीं स्कूली छात्रा ने षड्यंत्र रच कर अभिभावक बन अध्यक्ष बनने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कलेक्टर से कड़ी करवाई की मांग की है।

बड़ी अजीब विडंबना की बात है कि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बतौली की शाला प्रबंधन समिति (SMC) का गठन अब बड़े विवाद के केंद्र में आ गया है। एक ओर कक्षा 10वीं की छात्रा कु. अंतिला टोप्पो ने जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसे गुमराह कर एक स्थानीय व्यक्ति को उसका अभिभावक बनाया गया, वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत बतौली की उपाध्यक्ष एवं शिक्षण स्थायी समिति की पदेन अध्यक्ष श्रीमती मंजू हरि गुप्ता ने 29 जुलाई 2026 को विद्यालय के निरीक्षण के बाद SMC गठन में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है।

निरीक्षण प्रतिवेदन के अनुसार, शाला प्रबंधन समिति के अभिलेखों और बैठक संबंधी दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान समिति के गठन में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया का पालन नहीं होने की बात दर्ज की गई है। प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के चयन को लेकर प्रश्न उठे तथा SMC गठन की कार्यवाही को निरस्त करने की अनुशंसा की गई। प्रतिवेदन में यह भी दर्ज है कि प्राचार्य द्वारा इस अनुशंसा पर सहमति व्यक्त किए जाने का उल्लेख किया गया है।

इसी बीच छात्रा कु. अंतिला टोप्पो ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि वह ग्राम गोविंदपुर की निवासी है और पढ़ाई के लिए बतौली आती है। उसके अनुसार हॉस्टल में प्रवेश दिलाने का भरोसा देकर उससे और उसके पिता से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। बाद में उसे जानकारी मिली कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता अशोक कुमार गुप्ता को उसका अभिभावक दर्ज कर दिया गया और वह SMC के अध्यक्ष बन गए। छात्रा ने अपने आवेदन में स्पष्ट लिखा है कि उसके माता-पिता जीवित हैं, वह अशोक कुमार गुप्ता को अपना अभिभावक नहीं मानती तथा यह पूरी प्रक्रिया उसकी जानकारी और वास्तविक सहमति के बिना हुई।

छात्रा ने यह भी लिखा है कि उसने इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों, छात्रावास अधीक्षक तथा जनपद उपाध्यक्ष के समक्ष भी अपनी बात रखी थी। इसके बाद उसने जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर सरगुजा तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निरीक्षण प्रतिवेदन में दर्ज टिप्पणियाँ और छात्रा की शिकायत सही पाई जाती हैं, तो शाला प्रबंधन समिति का गठन किन परिस्थितियों में हुआ, दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया और संबंधित अधिकारियों ने शासन के नियमों का पालन क्यों नहीं सुनिश्चित किया।

फिलहाल मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत और निरीक्षण प्रतिवेदन में दर्ज बिंदु किस सीमा तक सही हैं तथा आगे क्या प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है।

इस संबंध में सीतापुर एसडीएम फ़गेश सिन्हा ने कहा कि आपके द्वारा मामले की जानकारी बताई जा रही है इस मामले में संबंधित विभाग जानकारी दे पाएगा।इसमें नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि लड़की के पिता व उसकी बहन मेरे यहां खेती किसानी का काम पिछले कई वर्ष से कर रहे इनके परिवार के साथ हमारा घरेलू संबंध है बच्ची का पालन पोषण हमारे द्वारा किया जा रहा है
इस मामले में कलेक्टर सरगुजा अजीत बसंत ने कहा कि अध्यक्ष चयन मामले की जांच एसडीएम द्वारा की जाएगी

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