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लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों विवादों के घेरे में है जहाँ अब प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों के द्वारा दवाई वितरण किए जाने का एक वीडियो सामने आया है। जिसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग इन दिनो अपने कार्यप्रणाली को लेकर लगातार नए नए विवादों में घिरता नजर आ रहा है। जिसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आपको बता दें कि एक स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षार्थी बच्चों को लखनपुर अस्पताल में सहयोग व अस्पताल के कार्यों को समझने व सीखने के लिए लगाया गया है जिसके बाद उनसे ओपीडी में दवाई वितरण व मरीजों को सुई लगाने जैसे कार्य कराए जा रहे है।बड़ी बात यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो फार्मासिस्ट की नियुक्ति है जिसके बाद प्रायः ये देखा जाता है की ओपीडी के समय में कोई भी फ़ार्माशिष्ट दवाई वितरण के दौरान मौजूद नहीं रहता।एक तरफ़ जहाँ दवाई वितरण हेतु स्टाफ मौजूद नहीं रहता तो वही दूसरी तरफ़ प्रशिक्षार्थी बच्चों के द्वारा दवाई का वितरण अब आने वाले मरीजों के लिए भय का कारण बना हुआ है। बच्चों से बात करने पर पता चला की उन्हें स्वास्थ विभाग के एक कर्मचारी के द्वारा ही ओपीडी और आईपीडी में अलग अलग कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है जिसके बाद उन्हें जिन बीमारियों के दवाई के बारे में पता होता है वो उस दवाई का वितरण ओपीडी से करते है वही ये बात भी सामने आई है की जिस दवाई के बारे में उन्हें समझ नहीं आती वो उस दवाई के बारे में फ़ार्मासिस्ट से पूछ लेते हैं। अब बड़ा सवाल यह है की क्या प्रशिक्षु बच्चों के द्वारा मरीजों का दवाई वितरण सही है?और क्या ऐसा संभव नहीं है की दवाई वितरण के दौरान उनसे कोई गलती हो जाए और अगर गलती होती है और किसी मरीज के स्वास्थ्य को कोई नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?इस संबंध में जब खंड चिकित्सा अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया ओपीडी के स्थान पर दो फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है और जब स्वास्थ्य केंद्र में दो फार्माशिस्ट पदस्थ हैं तो उन्हें प्रशिक्षु बच्चों के साथ होना चाहिए और सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए इस विषय में उचित दिशा निर्देश दोनों फार्माशिस्ट को दिए जाएँगे तथा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। लगातार फार्माशिस्ट का ओपीडी समय पर नहीं होना और दवाइयों के प्रशिक्षु बच्चों द्वारा वितरण अब लोगो के बीच चर्चा का विषय बन गया है जिसके बाद अब लोग व्यवस्था सुधार की मांग करते नजर आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री और मौजूदा विधायक राजेश अग्रवाल के छेत्र में लगातार लखनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं को जो तस्वीरें निकल कर सामने आ रही हैं उसके बाद अब लोगो ने विधायक के निगरानी नियंत्रण पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि आखिर कब तक छेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ हो पाएगी या फिर लोगो को कब तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी प्रसाद
इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी प्रसाद से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि फार्मासिस्टों का दायित्व बनता है उनके देखरेख में मरीजों दवा का वितरण होना चाहिए। और फार्मासिस्ट अमित सिसोदिया और मंजू भारद्वाज को कहा गया है कि अपने निगरानी में दवा का वितरण कराए। नर्सों के द्वारा इंसान इंजेक्शन लगाने का ट्रेनिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों को दिया जा रहा है।
