छत्तीसगढ़ किसान सभा सरगुजा जिला समिति द्वारा देश के प्रधानमंत्री को कलेक्टर के माध्यम से सौंपा ज्ञापन।

पब्लिक न्यूज सरगुजा डॉट कॉम।
संयुक्त किसान मोर्चा एवं ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय समिति के आव्हान पर आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में भी किसान संगठन छत्तीसगढ़ किसान सभा एवं सीटू द्वारा धरना प्रदर्शन एवं आम सभा कर प्रधानमंत्री को कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया. इस अवसर पर हुई आमसभा को कामरेड बाल सिंह, कामरेड सुरेंद्र लाल सिंह, प्रगतिशील पेंशनर्स संघ के अनंत सिंहा, रोशन नागेश, रामलाल हसदा,सीटू के प्रकाश नारायण सिंह छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव सी पी शुक्ला आदि ने संबोधित किया. वक्ताओं ने आंदोलन के बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला . वक्ताओं ने कहा कि मोदी भाजपा सरकार जन् विरोधी कार्यों में संलिप्त है. उसने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है. चंद पूंजी पतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानो की अंधाधुंध जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिसका उन्हें समुचित ना तो मुआवजा दिया जा रहा है और ना ही उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था की जा रही है और पुलिस तथा लाठी डंडे के दम पर आदिवासियों, किसानो की जमीन है ली जा रही हैं. भाजपा ने 2013 के चुनाव के समय देश के किसानों से वायदा किया था कि यदि उसकी सरकार बनती है तो वह स्वामीनाथन द्वारा बताए गए फॉर्मूला एमएसपी को कानून बनाकर लागू करेगी किंतु उसने साथ उसने उच्चतम न्यायालय के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत कर उसे लागू करने से साफ इनकार कर दिया. इस बीच सरकार द्वारा तीन कृषि कानून पारित किए गए जो कि किसान विरोधी थे उनके विरुद्ध में किसानों द्वारा दिल्ली में 2020-21 में धरना हड़ताल कार्यक्रम किया गया जो लगभग 13 महीने चला जिसमें लगभग 800 किसान शहीद हुए और अंत में सरकार को हार मानना पड़ा. और उसके द्वारा तीन विवादित कानून वापस लिए गए और एम एसपी कानून वापस लिए जाने हेतु वायदा किया. किंतु खेत की बात है कि आज लगभग 5- 6 साल व्यतीत हो रहे हैं फिर भी सरकार द्वारा अभी तक यह कानून नहीं बनाया जा सका है. इसी प्रकार से वक्ताओं द्वारा मनरेगा कानून में किया जा रहे षड्यंत्र को भी उजागर किया. वक्ताओं ने वन अधिकार कानून 2005 को कमजोर किए जाने की निंदा की. वक्ताओं द्वारा बिजली कानून 2025 को वापस लेने,अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाने, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता को तत्काल वापस लेने, किसानो के करजे माफ करने हेतु कानून बनाए जाने आदि पर भी जोर दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया और मांग किया गया कि सरकार इन पर तुरंत अमल करें. वक्त रोशन नागेश द्वारा सरगुजा जिला में खाद बीज की अनुपलब्धता एवं उसके मनमानदन लिए जाने के संबंध में आपत्ति करते हुए कहा कि सरकार को खाद बीज दवाई आदि की उपलब्धता सुचारू रूप से सुनिश्चित करना चाहिए सरकार अपने इस दायित्व को पूर्ण करने में असफल रही है अतः यह सरकार किसान विरोधी है उसे शासन में रहने का अधिकार नहीं है
