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सरगुजा के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुमगराकला इन दिनों काफ़ी सुर्खियों में है। चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रबंधन यह कार्य प्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। जहाँ एक महीने से आयुष्मान का काम ठप पड़ा हुआ है जिससे आसपास के छेत्रवासियों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना एक काफ़ी महत्वपूर्ण योजना है जिसमे गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले एपीएल और बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपए तक का इलाज मुहैया कराया जाता है जिसमे कैशलेश माध्यम से कई सारी छोटी तथा बड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता है। हालांकि इस समय सरगुजा में आयुष्मान के संचालन को लेकर कई सवाल उठते नजर आते हैं इसी बीच अब गुमगरा कला में आयुष्मान सेवा बंद होने से मरीजों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुमगरा कला के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पहले एक ऑपरेटर काम करता था परंतु वर्तमान में उसके द्वारा निजी कारणों से जुलाई से काम छोड़ देने से आयुष्मान का कार्य प्रभावित है जिसके बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी को लिखित सूचना दी गई है। इस दौरान एक PADA को आयुष्मान का अतिरिक्त प्रभार मौखिक रूप दिया गया था परंतु कार्य का अनुभव नहीं होने से वह भी कार्य नहीं कर पा रहा है। आपको बता दें कि गुमगरा कला में आसपास के ग्रामीण छेत्रों से लोग बड़ी संख्या में अपना इलाज कराने पहुंचते हैं जिसके बाद अब आयुष्मान बंद होने से उनका इलाज ओपीडी के माध्यम से ही कर दिया जा रहा है तथा किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा। आयुष्मान के ऑपरेटर के चले जाने के बाद अब आयुष्मान का कार्य पूरी तरह प्रभावित है जहां प्रसव सहित अन्य सामान्य व जटिल बीमारियों में भी मरीजो का इलाज आयुष्मान से नहीं हो पा रहा है जहां लोग अब परेशान नजर आ रहे हैं। छेत्रवासियों ने आयुष्मान का कार्य जल्द से जल्द शुरू किए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है ताकि उन्हें इस महत्वपूर्ण योजना का समुचित लाभ मिल सके ।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी देवेंद्र सिंह शिव चर्चा करने पर उनके द्वारा बताया गया कि आयुष्मान कार्ड ऑपरेटर अपने निजी कारणों से इस्तीफा देकर काम छोड़कर चला गया है। पिछले एक माह से आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी प्रसाद को लिखित सूचना दी गई है।परंतु अब तक बीएमओ इस संबंध में कोई पहल नहीं किया गया।
