
सुरेश कुमार गुप्त प्रधान संपादक पब्लिक न्यूज सरगुजा डॉट कॉम।
अम्बिकापुर में विद्युत अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा कार्यशाला आयोजित, लगभग 150 नियमित, बाह्यस्रोत एवं ठेका कर्मचारी हुए शामिल
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, अम्बिकापुर द्वारा आज श्रम कल्याण केंद्र, गांधीनगर अम्बिकापुर में “विद्युत अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा कार्यशाला” का वृहद आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्युत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन, सुरक्षात्मक उपकरणों के अनिवार्य उपयोग तथा सुरक्षित कार्य व्यवहार के प्रति अधिकारियों एवं कर्मचारियों में जागरूकता एवं सजगता को और अधिक मजबूत करना था।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक मुख्य अभियंता अम्बिकापुर क्षेत्र यशवंत शिलेदार ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्युत कार्य में सुरक्षा के साथ कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। लाइन सुधार एवं विस्तार कार्य के समय थोड़ी सी असावधानी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को कार्य प्रारंभ करने से पहले सुरक्षा प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी की सुरक्षा केवल उसकी व्यक्तिगत सुरक्षा नहीं है, बल्कि उसके पूरे परिवार की खुशहाली, सुख और समृद्धि से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया है।
श्री शिलेदार ने विशेष रूप से डिस्चार्ज रॉड, डी.ओ. फ्यूज, सुरक्षा दस्ताने सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का कार्य के दौरान अनिवार्य रूप से उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरणों का उपयोग औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता, समय पर वितरण एवं उपकरणों की कार्यशील स्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी कर्मचारी को सुरक्षा उपकरणों के अभाव में जोखिम लेकर कार्य न करना पड़े।
सुरक्षा उपकरण दुर्घटना से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम : आवेदन कुजूर
कार्यशाला के संयोजक एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता अम्बिकापुर आवेदन कुजूर ने विद्युत सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्युत कार्य में सुरक्षा उपकरण कर्मचारी और विद्युत दुर्घटना के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं। उन्होंने दस्ताने, डिस्चार्ज रॉड, डी.ओ. फ्यूज, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी शूज एवं अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के सही तरीके से उपयोग, रख-रखाव तथा कार्य से पहले उनकी जांच के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसी भी विद्युत लाइन पर कार्य करने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन, सप्लाई बंद होने की पुष्टि, आवश्यक अर्थिंग एवं डिस्चार्ज की प्रक्रिया तथा संबंधित सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि “सुरक्षा में जल्दबाजी नहीं, बल्कि सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।” प्रत्येक कर्मचारी को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने सहकर्मियों की सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
लगभग 150 कर्मचारी हुए शामिल
कार्यशाला में लगभग 150 नियमित, बाह्यस्रोत एवं ठेका कर्मचारी, विशेषकर लाइन स्टाफ एवं मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कार्यपालन अभियंता शहर संभाग जे.पी. राजवाड़े, कार्यपालन अभियंता राजेश जायसवाल, अक्षय कुमार, अभिनेष बंजारे, कैलास देवांगन, सुरजीत गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता विराजमान एक्का, संगम पटेल, सुनील राम, श्रीमती स्नेहा टोप्पो, श्रीमती प्रणीता पैंकरा, श्रीमती तृप्ति भगत, श्रीमती संगीता भगत, परीक्षण सहायक यतीन्द्र गुप्ता तथा वरिष्ठ लाइन कर्मचारी राधेश्याम विश्वकर्मा, ईश्वर राम, अरुण द्विवेदी, देवेंद्र कुशवाहा, प्रमोद कुमार, बैजनाथ राम सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान विद्युत कार्य के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से बचाव, सुरक्षित कार्य पद्धति, सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर कर्मचारियों को जागरूक किया गया। उपस्थित कर्मचारियों ने सुरक्षित कार्य प्रणाली को अपनी कार्यशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
