छत्तीसगढ़ किसान सभा का राज्य सम्मेलन संपन्न प्रशांत झा अध्यक्ष चुने गए।


Public news surguja, com।

छत्तीसगढ़ किसान सभा का राज्य सम्मेलन सूरजपुर के मंगल भवन में दिनांक 6 एवं 7 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ. प्रशांत झा अध्यक्ष एवं कपिल पैकरा सचिव, वकील भारती कोषाध्यक्ष चुने गए.25 सदस्यीय राज्य समिति का गठन हुआ. विभिन्न जिलों से आए किसानों द्वारा विशाल रैली सूरजपुर के प्रमुख मार्गों पर निकाली गई. रैली में शामिल किसान स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुरूप C2 +50% को कानून बनाकर लागू करने, खाद बीज दवाई सुगमता से तथा सस्ता उपलब्ध कराने,महंगाई पर रोक लगाने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने, फर्जी तरीके से जबरन भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन पर रोक लगाने, पांचवी अनुसूची एवं पेसा कानून के अनुरूप ग्राम सभाओं का महत्व कायम रखने आदि के संबंध में नारे लगा रहे थे. रैली के बाद वरिष्ठ किसान नेता माधो सिंह द्वारा झंडोत्तोलन तथा सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा शहिद बेदी पर पुष्पांजलि कर सम्मेलन का शुभारंभ हुआ. सम्मेलन आरंभ होने के पूर्व प्रसिद्ध शिवम मृत आत्माओं एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रीय समिति के सदस्य पुष्पेंद्र त्यागी के सारगर्भित उद्बोधन से हुआ. तत्पश्चात राज्य सचिव का0 कपिल पैकरा द्वारा अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों पर एवं सांगठनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत प्रस्तुत किया गया.उन्होंने देश की राजनीतिक स्थिति की विवेचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार किसान मजदूर विरोधी नीतियों एवं धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को कुचलनने के लिए मुहीम चला रही है तथा सांप्रदायिक जातिवादी राजनीतिक विभेद को गहरा करने का काम कर रही है जो देश विरोधी है एवं राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए खतरनाक है. रिपोर्ट में कृषकों की समस्याओं यथा उपज का उचित मूल्य देने, खाद बीज दवाइयां की सस्ता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने उपज को बेचने की समुचित व्यवस्था करने,बिचौलियों द्वारा लूटे जाने, किसानो के करजे के माफ करने. उनकी जमीने जबरन भयभीत कर पुलिस एवं प्रशासन कब है दिखाकर ग्राम सभाओं की उपेक्षा कर पेसा कानून को तात्पर्य रखकर भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की उपेक्षा कर अधिग्रहित किए जाने अंधाधुंध निजीकरण करने आदि का जिक्र किया. उन्होंने अपने रिपोर्ट में अमेरिका के दबाव में आकर भारत सरकार द्वारा स्वीकार किए गए टैरिफ ( ज्ञात हो कि अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 18% टैरिफ लगाया है तथा भारत को दबाव देकर अमेरिका से आने वाले सामान यथा कृषि उपकरण, दूध, पनीर, घी, मछली फूल, गेहूं, दाल, इंजीनियरिंग के समान, दवाई एवं स्वास्थ्य के ऊपकरण आदि पर 0 टैरिफ लगाने को मान्य किए जाने क़ी स्विकृति ले ली है ) की आलोचना की उन्होंने अपने रिपोर्ट में बताया कि इन सब शर्तों के कारण अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान महंगे हो जाएंगे और अमेरिका से भारत आने वाले सामान सस्ते होंगे इसलिए भारतीय सामान को अमेरिका में कोई नहीं खरीदेगा जबकि अमेरिका से आने वाले सामान हमारे देश में सस्ता होने के कारण हमारे देश की जनता बहुतायत से खरीदारी करेगी जिससे देश का भुगतान संतुलन खराब होगा और अमेरिका मालामाल होगा और हम और ज्यादा गरीब होते जाएंगे.
सम्मेलन में 184 प्रतिनिधियों ने भाग लिया 37 प्रतिनिधियों ने बहस में भाग लिया चर्चा के बाद रिपोर्ट को ध्वनि मत से से स्वीकार किया गया.
सम्मेलन को अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव एवं छत्तीसगढ़ के इंचार्ज अवधेश कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बादल सरोज ने भी संबोधित किया. वक्ताओं ने संयुक्त किसान आंदोलन को विकसित करने संगठन को मजबूत बनाने की अपील की .
सम्मेलन में वरिष्ठ साथी सी पी शुक्ला द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव कि हसदेव जंगल की कटाई बंद करो. बस्तर में राज्य द्वारा हो रहे मानवाधिकारों का हनन बंद करो. मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में रहने दो. पेसा कानून का पालन करो और उसे प्रभावी ढंग से लागू करो. एमएसपी कानून,स्वामीनाथन आयोग के सिफारिश के अनुसार लागू करो,जबरदस्ती एवं फर्जी तरीके से भूमि अधिग्रहण बंद करो, यदि भूमि लेना बहुत जरूरी हो तो भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के तहत ही एवं वास्तविक बाजार मूल्य जिस पर खरीद बिक्री होती है का चार गुना प्रदान कर ही भूमि अधिग्रहित किया जाए एवं जमीन के बदले जमीन एवं परिवार के कम से कम एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की शर्तों पर ही भूमिका अधिग्रहण किया जाए, दलित आदिवासियों पर अत्याचार बंद किया जाए, शासकीय स्कूलों का निजीकरण बंद किया जाए, सांप्रदायिकता पर रोक लगाया जाए, आदि प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया गया .
सी पी शुक्ला
उपाध्यक्ष जिला कमेटी

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