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बिलासपुर। समाज की समस्याओं को मुखरता से अभिव्यक्त करने, जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने तथा साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना जागृत करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार, संपादक एवं साहित्यकार सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ को सम्मानित किया गया। ‘साथी संदेश’ के बिलासपुर संस्करण के आठवें स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में उन्हें समाजोपयोगी पत्रकारिता, साहित्य और लेखन के क्षेत्र में उनकी दीर्घकालीन साधना एवं उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। वरिष्ठ संपादकों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों और न्यायिक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में मिला यह सम्मान उनकी रचनात्मक प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकारों का महत्वपूर्ण प्रतिफल रहा।
‘पत्रकारिता कल, आज और कल’ पर हुआ मंथन
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को सीएमडी कॉलेज के पास स्थित उद्योग भवन, बिलासपुर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में पत्रकारिता की भूमिका, बदलती चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गंभीर विमर्श हुआ। कार्यक्रम की केंद्रीय विचार गोष्ठी का विषय ‘पत्रकारिता कल, आज और कल’ रहा, जिसने पत्रकारिता के मिशन से व्यवसाय तक के बदलते स्वरूप, जनसरोकारों की प्राथमिकता तथा लोकतंत्र में मीडिया की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को रेखांकित किया।
दिग्गज अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई समारोह की गरिमा
समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस चंद्रभूषण बाजपेयी, बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह, प्रयाग प्रकाशन साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र कुमार दुबे, शिक्षाविद् एवं छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह चौहान तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अजय पाठक की गरिमामयी उपस्थिति रही। विचार गोष्ठी एवं वक्तव्य सत्र में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के प्राध्यापक डॉ. शाहिद अली, वरिष्ठ साहित्यकार एवं भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से संबद्ध सदस्य डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक एवं विचारक आचार्य ललित मुनि तथा छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त अपर संचालक एवं दैनिक ‘साथी संदेश’ के साहित्य संपादक स्वराज्य करुण ने अपनी उपस्थिति एवं विचारों से आयोजन को समृद्ध किया।
पत्रकारिता और साहित्य के प्रति समर्पण का सम्मान
सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ लंबे समय से पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। समाचार पत्रों में विभिन्न संपादकीय एवं संवाददातात्मक दायित्वों का निर्वहन करने के साथ उन्होंने लेखन को सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और जनजागरण का प्रभावी माध्यम बनाया है। उनके लेखों और साहित्यिक रचनाओं में समाज की वास्तविकताओं, जनसमस्याओं तथा मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।उनकी दृष्टि में पत्रकारिता का उद्देश्य केवल घटनाओं का विवरण प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देना, जनहित के प्रश्नों को सशक्त स्वर प्रदान करना और व्यवस्था को उसके दायित्वों के प्रति सजग बनाना भी है। साहित्य के क्षेत्र में उनका सतत सृजन इसी सामाजिक दृष्टि और संवेदनशील सोच का विस्तार है। समारोह में उनका सम्मान ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है, जब पत्रकारिता की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और सामाजिक जिम्मेदारी पर व्यापक विमर्श की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह सम्मान उन रचनात्मक प्रयासों की स्वीकार्यता का प्रतीक है, जो पत्रकारिता और साहित्य को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाए रखने में योगदान देते हैं। समारोह ने यह संदेश दिया कि समाचार पत्र की सार्थकता केवल उसके प्रकाशन की निरंतरता में नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता, जनविश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण में निहित है। वरिष्ठ पत्रकार सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ का सम्मान इसी व्यापक विचारधारा को रेखांकित करता है कि जब पत्रकारिता जनहित की आवाज बनती है और साहित्य समाज की संवेदना को अभिव्यक्ति देता है, तभी दोनों की सार्थकता अपने वास्तविक अर्थों में स्थापित होती है।
