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“छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस का अभियान, देश के सबसे अनोखे, इनोवेटिव और ट्रेंडी सोशल मीडिया अभियानों में से एक।
15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक 07 सप्ताह का प्रदेश भर में व्यापक कार्यक्रम
14 अगस्त, 2026 अम्बिकापुर:प्रदेशवासियों को साइबर क्राइम के विरुद्ध, जागृत एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर, 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” का आयोजन किया जाएगा। 15 अगस्त 1947 को, करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से देश को मिली आज़ादी के भाव से प्रेरित यह अभियान, साइबर क्राइम के विरुद्ध एकजुटता से जागरूकता लाने और छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने का अभिनव प्रयास है।
साइबर क्राइम के विरुद्ध निरंतर चलाए जा रहे अभियानों के क्रम में, छत्तीसगढ़ पुलिस का“ साइबर जागृति अभियान” ,देश के सबसे अनोखे, इनोवेटिव और ट्रेंडी अभियानों में से एक है। इस अभियान की मुख्य थीम है, “साइबर जागृति की एक सेल्फी” । बड़ी संख्या में राज्यवासी, छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स में जारी लिंक को क्लिक कर या QR Code को स्कैनकर, जागरूकता के संदेश वाली“सेल्फीफ्रेम” में अपनी सेल्फी लेकर, उस सेल्फी को स्वयं के सोशल मीडिया हैंडल्स में पोस्ट करेंगे। प्रदेश भर के लाखों लोग, छत्तीसगढ़ पुलिस की जागरूकता संदेशवाली “सेल्फीफ्रेम” को सोशल मीडिया में शेयर करेंगे तो, साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता का संदेश उनके फॉलोअर्स और फ्रेंड्स तक पहुंचेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग साइबर क्राइम के प्रति जागृत होंगे। इस अभियान का उद्देश्य, जनभागीदारी से साइबर क्राइम के विरुद्ध जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह संदेश, सरल और प्रभावी ढंग से अधिक से अधिक लोगों तक तेज़ी से पहुंच सकेगा ।
“साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ आज राजधानी रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं, सरगुजा जिले में आज प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं पुलिस अधीक्षक सरगुजा डीआईजी श्री राजेश कुमार अग्रवाल ने “साइबर जागृति अभियान” की लिंक एवं QR कोड जारी कर अभियान का शुभारंभ किया। तथा क्यूआर कोड को स्वयं अपने मोबाइल में स्कैन कर, अपनी सेल्फी ली, इसके पश्चात उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया में अपनी सेल्फी फ्रेम को पोस्ट किया। इस अवसर पर उन्होंने, जिला वासियों को अभियान के विषय में जानकारी दी और लोगों को विशेष कर सामाजिक/व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों, सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स एवं कलाकारों को अधिक से अधिक संख्या में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा जारी लिंक क्लिक कर या क्यू आर कोड स्कैनकर, सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया हैंडल्स में शेयर करने की अपील की।”
अभियान के सार के विषय में जानकारी देते हुए,पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं पुलिस अधीक्षक सरगुजा डीआईजी श्री राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि, “जिस तरह देश की आज़ादी के लिए करोड़ों देशवासी एक जुट होकर लड़े थे, उसी तरह हम सभी को साइबर क्राइम के विरुद्ध, साथ मिलकर, जिला वासियों को जागृत करना होगा और उन्हें साइबर सुरक्षित बनाना होगा। उन्होंने आमजनों से अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि “साइबर जागृति अभियान” के लिए, जागरूकता की एक सेल्फी”लें, उस सेल्फी को सोशल मीडिया में शेयर करें और साइबर अपराध को रोकने में सरगुजा पुलिस का सहयोग करें।”
“साइबर जागृति अभियान” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने, सरगुजा पुलिस ने जिले में अभियान को एक व्यापक स्वरूप दिया है। 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक यानि 07 सप्ताह में प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।
पहले सप्ताह – डिजिटल सतर्कता और बुनियादी सुरक्षा के लिए स्कूल/कॉलेजों में अभियान
दूसरे सप्ताह – वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा पर बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में अभियान
तीसरे सप्ताह -डिजिटल अरेस्ट और फ़र्ज़ी कॉल के विषय पर वरिष्ठ नागरिकों के संग टाउन हॉल का आयोजन
चौथे सप्ताह – स्मार्ट फोन प्राइवेसीऔर सेफ ब्राउज़िंग पर महिला कॉलेजों, सामुदायिक समूहों के बीच अभियान
पांचवे सप्ताहर -जॉब फ्रॉड और फिशिंग को लेकर युवाओं को जागरूक करने रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम का आयोजन
छठवें सप्ताह-डेटा प्राइवेसी और सोशलमीडिया की सीमाओं के विषय पर अभियान
सातवें सप्ताह-ग्राम पंचायतों, निकायों में गांधीजयंती के उपलक्ष्य में साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का“संकल्प” अभियान
अभियान का समापन –
02 अक्टूबर 2026 गांधी जयंती के दिन “साइबर जागृति अभियान” का समापन किया जाएगा।
जिला पुलिस टीमों एवं स्थानीय थानों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्क और बाजारों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से QR Code को प्रचारित किया जाएगा। साथ ही राज्य पुलिस एवं जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से एवं व्हाट्सएपप ग्रुप्स में लिंक को शेयर कर अधिक से अधिक लोगों को सेल्फी लेने एवं सोशल मीडिया में शेयर करने प्रोत्साहित किया जाएगा।
