वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए साइबर सुरक्षा के गुर, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए।

Public news surguja, com

डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी के नेतृत्व में सरगुजा पुलिस द्वारा जिले में लगातार ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज स्थानीय ‘सियान गुड़ी’ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 की संख्या में वरिष्ठ नागरिक सम्मिलित हुए, जिन्हें वर्तमान में चल रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। इस अवसर पर सियान गुड़ी की संचालिका श्रीमती रीता अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में ‘नवा बिहान’ संस्था की ओर से श्री अजय तिवारी एवं श्री मंगल पांडे जी, पुलिस विभाग की ओर से उप निरीक्षक अभय तिवारी तथा साइबर सेल से अनुज जायसवाल एवं अमन पुरी उपस्थित रहे और नागरिकों का मार्गदर्शन किया।

वरिष्ठ नागरिकों को दी गई मुख्य साइबर अपराधों की जानकारी:- डिजिटल अरेस्ट क्या है:- साइबर ठग खुद को सीबीआई, ईडी पुलिस या ट्राई का अधिकारी बताकर डराते हैं। वे कहते हैं कि आपके नाम से कोई अवैध पार्सल आया है या आपका सिम कार्ड किसी गैर-कानूनी गतिविधि में लिप्त है। इसके बाद वीडियो कॉल पर आपको “डिजिटल अरेस्ट” करने की धमकी देकर कमरे में बंद रहने को कहते हैं और मोटी रकम वसूलते हैं।

बचाव:- वरिष्ठ नागरिक यह बात गांठ बांध लें कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर न तो किसी को गिरफ्तार करती है और न ही पैसे मांगती है। ऐसा कोई भी कॉल आने पर तुरंत फोन काटें और पुलिस को सूचना दें।

पेंशन और जीवन प्रमाण पत्र धोखाधड़ी:- ठग अक्सर बुजुर्गों को निशाना बनाकर पेंशन रुकने या डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के नाम पर फर्जी लिंक भेजते हैं या कॉल करके बैंक डिटेल्स मांगते हैं।

बचाव:- अपनी पेंशन या बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे संबंधित कार्यालय या बैंक शाखा में जाएं। फोन पर किसी को भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें।

फर्जी कस्टमर केयर और केवाईसी (KYC) अपडेट:- बिजली बिल न भरने पर कनेक्शन काटने, सिम कार्ड ब्लॉक होने या बैंक अकाउंट फ्रीज होने का डर दिखाकर ठग बुजुर्गों से उनके बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी (OTP) ले लेते हैं।

बचाव:- कभी भी किसी अज्ञात नंबर से आए लिंक पर क्लिक करके कोई ऐप डाउनलोड न करें। इससे ठग आपके मोबाइल का पूरा एक्सेस ले लेते हैं।

लॉटरी और निवेश के नाम पर झांसा:- कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर लॉटरी लगने या कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर बुजुर्गों की जमा-पूंजी ठग ली जाती है।

बचाव:- बिना मेहनत के मिलने वाले किसी भी भारी-भरकम मुनाफे के झांसे में न आएं।

साइबर सेल की वरिष्ठ नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह:”पंच सूत्र” याद रखें:- अपना बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन (PIN), सीवीवी (CVV), यूपीआई पिन और ओटीपी (OTP) कभी भी, किसी भी परिस्थिति में किसी के साथ साझा न करें।

डरे नहीं, तुरंत बात करें: यदि कोई आपको डराने की कोशिश करता है, तो घबराने के बजाय तुरंत अपने परिवार के सदस्यों, बच्चों या पास के पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

हेल्पलाइन नंबर: यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in पर लॉग इन करें। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, पैसे वापस ब्लॉक होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

सरगुजा पुलिस आम नागरिकों और विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। पुलिस अधिकारियों ने सभी बुजुर्गों से अपील की है कि वे तकनीक का उपयोग सावधानी से करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर सतर्क रहें।

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