अमेरा समिति लहपटरा में किसानों की समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस का निरीक्षण, खाद वितरण व्यवस्था पर जताई नाराजगी

Public news surguja, com
लखनपुर। आगामी खरीफ सीजन और मानसून के आगमन से पहले किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर किसान कांग्रेस ने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं का जायजा लिया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लखनपुर के अध्यक्ष आदरणीय अमित सिंह देव के निर्देश पर किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजर राम चौधरी ने अमेरा समिति लहपटरा पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान किसानों ने खाद वितरण की वर्तमान व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें बार-बार समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

किसान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले समिति क्षेत्र के किसानों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि रकबे के अनुरूप उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है और मानसून के आगमन की संभावना भी बनी हुई है, ऐसे में किसानों को डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता की आवश्यकता है। किसानों का कहना था कि वर्तमान वितरण व्यवस्था के कारण उन्हें जरूरत के समय पूरी मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है।

किसानों की शिकायतों के बाद किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजर राम चौधरी ने समिति प्रबंधक से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। समिति प्रबंधक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार छोटे किसानों को एकमुश्त खाद वितरण किया जा रहा है, जबकि मध्यम श्रेणी के किसानों को दो किस्तों में और पांच एकड़ से अधिक भूमि रखने वाले किसानों को तीन किस्तों में खाद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रबंधक ने कहा कि यह व्यवस्था खाद के संतुलित वितरण और अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

हालांकि किसानों ने इस व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि खेती का कार्य समयबद्ध होता है और खाद की आवश्यकता एक निश्चित अवधि में पड़ती है। यदि उन्हें किस्तों में खाद मिलेगी तो बार-बार समिति तक आना-जाना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बर्बादी होगी। किसानों ने कहा कि वे खेती-किसानी के कार्यों में व्यस्त रहते हैं और हर बार खाद लेने के लिए समिति के चक्कर लगाना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजर राम चौधरी ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि कृषि प्रधान क्षेत्र में किसानों को खाद जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान होना पड़ रहा है, यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे उन्हें समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार एकमुश्त डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि वे बिना किसी बाधा के खेती का कार्य कर सकें।

अजर राम चौधरी ने कहा कि किसान पहले से ही मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत और बाजार की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में खाद वितरण की जटिल प्रक्रिया उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है। उन्होंने प्रशासन और शासन से मांग की कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की जाए और ऐसी नीति बनाई जाए जिससे किसानों को बार-बार समिति का चक्कर न लगाना पड़े।

इस दौरान उपस्थित किसानों ने भी एक स्वर में कहा कि यदि समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिली तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। किसानों का कहना था कि बारिश शुरू होने के बाद खेती का कार्य तेजी से होता है और उस समय खाद की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक होती है। यदि खाद के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी तो उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ग्रामीण किसानों ने यह भी बताया कि कृषि कार्यों के दौरान एक दिन का समय भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। खाद लेने के लिए कई बार समिति जाना पड़ने से न केवल समय की हानि होती है बल्कि परिवहन पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन हो जाती है।

किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन किसानों के साथ मिलकर आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार करेगा। संगठन का कहना है कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण एवं किसान संवाद कार्यक्रम के दौरान अमरेश राजवाड़े, गुरु प्रसाद, उमेश कुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और शासन-प्रशासन तक उनकी मांग पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

किसानों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही खाद वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और मानसून पूर्व उन्हें एकमुश्त डीएपी, यूरिया तथा अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराए जाएंगे। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि समय पर खाद उपलब्ध होने से न केवल खेती का कार्य सुचारू रूप से संपन्न होगा बल्कि कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी, जिसका लाभ पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मिलेगा।

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