पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से आलम साय का बिजली बिल हुआ शून्य, अब उपभोक्ता के साथ बने बिजली उत्पादक।

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घर की छत पर सौर ऊर्जा से रोशन हुई जिंदगी, लगभग साढ़े तीन माह में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी

आलम साय को मिली 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी, बिजली उपभोक्ता से बनें बिजली दाता

जिले में अब तक 1733 घरों में स्थापित हुए सोलर संयंत्र

अम्बिकापुर,07 सितंबर 2026/ घर की छत पर लगा सोलर पैनल अब केवल बिजली की जरूरत पूरी करने का साधन नहीं, बल्कि परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम भी बन रहा है। पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेकर अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा निवासी आलम साय रजवाड़े ने अपने घर में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया है। कभी हर महीने लगभग 1500 से 2000 रुपये तक बिजली बिल चुकाने वाले आलम साय का कहना है कि सोलर संयंत्र लगने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, घरेलू जरूरत के बाद बचने वाली बिजली भी वे ग्रिड के माध्यम से विद्युत विभाग को दे रहे हैं।

“पहले बिजली उपभोक्ता था, अब बिजली दाता हो गया हूं”
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से आए बदलाव को लेकर आलम साय उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “पहले मैं बिजली उपभोक्ता था, लेकिन अब मैं बिजली दाता हो गया हूं। मेरे घर की छत पर जितनी बिजली बनती है, उसमें से घर में उपयोग के बाद जो बिजली बचती है, वह ग्रिड में चली जाती है।”

उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र लगवाने से पहले उनके घर का बिजली बिल सामान्यतः 1500 से 2000 रुपये के आसपास आता था। संयंत्र स्थापित होने के बाद पिछले लगभग साढ़े तीन महीने से उन्हें बिजली बिल का भार नहीं उठाना पड़ा है। इससे परिवार के मासिक खर्च में भी राहत मिली है।

लगभग साढ़े तीन महीने में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी
आलम साय के अनुसार पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली सोलर पैनल से उनके घर की बिजली की जरूरत पूरी होने के साथ अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग साढ़े तीन महीने की अवधि में करीब 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा चुकी है। इससे वे स्वयं की बिजली आवश्यकता पूरी करने के साथ ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बने हैं।

1.08 लाख रुपये की सहायता मिलने से कम हुआ आर्थिक भार
आलम साय ने बताया कि सौर संयंत्र स्थापित करने पर उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये, कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इससे सोलर संयंत्र लगाने में उन पर आने वाला आर्थिक भार काफी कम हुआ।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना के तहत आवेदन एवं सोलर संयंत्र स्थापित कराने की प्रक्रिया भी सुविधाजनक रही। उन्होंने अन्य पात्र बिजली उपभोक्ताओं से भी योजना की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाने की अपील की।

“बिजली बिल से मिली राहत, योजना से बहुत खुश हूं”
आलम साय बताते हैं कि सोलर संयंत्र लगने के बाद सबसे बड़ा बदलाव बिजली के मासिक खर्च में आया है। उन्होंने कहा, “मेरा बिजली बिल लगभग साढ़े तीन महीने से शून्य है। योजना का मुझे बहुत फायदा मिला है और मैं इससे बहुत खुश हूं।”

उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से आम परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

जिले में 1733 सोलर संयंत्र स्थापित
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 2000 सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक कुल 1733 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें शहरी क्षेत्र में 1360 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 373 सोलर संयंत्र शामिल हैं।

पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के साथ परिवारों के बिजली खर्च में कमी आ रही है।

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