सरगुजा में धड़ल्ले से चल रहा ज़मीन दलाली का काला कारोबार,।

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बिना जानकारी 1 लाख रुपयों में करा ली 3 एकड़ ज़मीन की रजिस्ट्री, आदिवासी वृद्ध लगा रहा न्याय की गुहार

इन दिनों सरगुजा में ज़मीन दलाली का काला कारोबार अपने चरम पर है जहाँ भोले भाले आदिवासी ग्रामीणों को बेवक़ूफ़ बना ज़मीन दलाल निजी ज़मीनो को बेचने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया लखनपुर विकासखंड के ग्राम चांदो से आया है।जहाँ एक 60 वर्षीय आदिवासी वृद्ध मसत राम मझवार को 1 लाख रुपए देकर उसके तीन एकड़ ज़मीन को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा लिया गया। दरअसल पूरा मामला लखनपुर विकासखंड का ग्राम पंचायत चांदो का है। जहाँ मसत राम मझवार नाम का एक वृहद अपने परिवार के साथ निवासरत है उक्त व्यक्ति के पास अपने स्वामित्व की करीब 03 एकड़ की भूमि ग्राम चांदो में थी जिसे वह अपने निजी जरूरतों की पूर्ति के लिए बेचना चाहता था ऐसे में गांव के ही एक व्यक्ति राजेश मझवार के ज़रिए उसकी मुलाक़ात क़यामुद्दीन अंसारी नाम के एक ज़मीन दलाल से होती है जो कि उस ज़मीन को ख़रीदने ही मक़सद से मसत राम मझवार के घर पहुंचता है। ज़मीन दलाल प्रीत आदिवासी वृद्धि से जमीन खरीदी बिक्री के संबंध में बात करता है जहां वृद्ध के द्वारा जमीन दलाल से एक एकड़ भूमि बेचने की बात₹200000 में तय होती है। जमीन दलाल वृहद के साथ मौक़ा पर पहुँचकर ज़मीन देखता है और मसत राम को ज़मीन के भेचवाने की बात कहकर वहाँ से चला जाता है। जहाँ जमीन दलाल के द्वारा अगले दिन सीतापुर के एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को लेकर ज़मीन ख़रीदने पहुंचता है।मसत राम कम पढ़ा लिखा होने के कारण उसे ज़मीन के एवज में १ लाख रुपए दे दिए जाते हैं जिसके बाद उससे रात के अंधेरे में फोटो खिंचवा जमीन संबंधी ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण करा ली जाती है। जब बाद में रिकॉर्ड देखा जाता है तो पता चलता है की १ लाख के एवज में तथा अज्ञानता के कारण मसत राम की तीन एकड़ ज़मीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली गई है और पैसा भी नहीं दिया गया। जिसके बाद मीडियाकर्मियों को यह बात पता चलती है और मसत राम सारी बातें मीडिया के सामने बताता है की किस तरह उसके अज्ञानता का फायदा उठा 1 लाख रुपयों में उसके तीन एकड़ जमीन को जमीन दलाल के माध्यम से अपने नाम करा लिया गया। वृद्ध ने यह भी बताया कि की उसका आधार कार्ड लेकर उसे पैसे के लिए कई बैंकों के चक्कर भी कटवाए गए और कई सरकारी कागजों पर बिना उसे बताए हस्ताक्षर भी करा लिया गया। रात के अंधेरे में ज़मीन के पास ले जा फोटो खींचे गए तथा आनन फ़ानन में जमीन के रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई। जिसके बाद आज 60 वर्षीय वृद्ध अपने हक के लिए न्याय की गुहार करता नजर आ रहा है। अपने आप को ठगा महसूस होने के बाद अब वृद्ध ने सरगुजा एसएसपी और आईजी सरगुजा का दरवाजा खटखटाया है जहाँ चांदो सरपंच के साथ पहुँच कर पूरे मामले की सूचना आवेदन के माध्यम से पुलिस प्रसाशन के समक्ष प्रस्तुत किया है। फिलहाल मामले में जाँच चल रही है। बात करें ज़मीन दलाल की तो ज़मीन दलाली के मामले में क़यामुद्दीन अंसारी का पुराना रिकॉर्ड कोई ख़ासा अच्छा रहा नहीं हैं उसके ऊपर ज़मीन दलाली सहित मनमाने तरीक़े से सरकारी और निजी भूमियों के दलाली का आरोप पूर्व में भी लगता आया है। ऐसे में एक ग़रीब व्यक्ति से ज़मीन के नाम पर ठगी किया जाना किस हद तक सही है यह अपने आप में एक सोंचनिय विषय है।सरगुजा में ऐसे कई मामले लगातार निकल कर आते रहते है। जहाँ जानकारी के आभाव में ज़मीन के दलालों के द्वारा भोले भाले ग्रामीणों को कम पैसे देकर उनकी अधिक से अधिक ज़मीन हड़प ली जाती है बाद में राजस्व नियमों में बंधकर ग्रामीण इन ज़मीन दलालों का कुछ नहीं कर पाते। फ़िलहाल इस मामले में उक्त वृद्ध अपने ज़मीन को पाने अब कलेक्टर से इसकी शिकायत करने की बात कह रहा है जहाँ शिकायत के बाद इस मामले में कई और नाम सामने आने की बात कही जा रही है। सरगुजा में जमीनो की दलाली धीरे धीरे मोटी कमाई का जरिया बनता जा रहा है जहाँ लोगो से ज़मीन के दलाल कम दामो में ज़मीन ख़रीद कर उसे अधिक दामो में बेचने के कार्य करते हैं। ऐसे में राजस्व के नियम भी उनका खूब साथ देते नज़र आते हैं जहाँ अब रजिस्ट्री के नियमों में शासन के द्वारा काफ़ी बड़े बदलाव किए गए हैं जिसके बाद अब ज़मीन की ख़रीद बिक्री का तरीका आसान हो गया है जो कि ज़मीन दलालों के लिए काफ़ी कारगर साबित हो रहा है। अब देखना यह होगा की इस मामले में प्रशासन की तरह का रुख़ अपनायेगी और क्या बेचारे भोले भाले ग्रामीन को उसके हक़ की ज़मीन वापस मिल पाएगी। फ़िलहाल इस ज़मीन के मामले में बड़ा अपडेट यह है कि महज 1लाख रुपए देकर ज़मीन दलाल के द्वारा ३ एकड़ ज़मीन की रजिस्ट्री की जा चुकी है तथा वृद्ध अपने हक के लिए माँग करता नज़र आ रहा है।

इस संबंध में राजेश मझवार से बात करने पर उसके द्वारा बताया गया कि गांव में अंडा बिक्री करने वाले कयामुद्दीन अंसारी से सबसे उसकी पहचान हुई। और जमीन खरीदी बिक्री के संबंध में बात होने पर राजेश मझवार ने वृद्ध मस्त राम की जानकारी कयामुद्दीन अंसारी को दी थी।

इस पूरे मामले को लेकर कयामुद्दीन अंसारी और जमीन क्रय करने वाले से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका।

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