शहीद रमाशंकर सिंह के माता-पिता बदहाली में जीने को मजबूर, घर से बेदखल करने का आरोप।

मुआवजा राशि और अनुकंपा नियुक्ति के बाद देखभाल नहीं करने का परिजनों ने लगाया आरोप, एसपी कार्यालय और सुशासन तिहार शिविर पर शिकायत

देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमदला के शहीद रमाशंकर सिंह के माता-पिता आज आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। शहीद के माता-पिता और भाई ने उनकी पत्नी मस्तूरी सिंह पैकरा पर परिवार की देखभाल नहीं करने और माता-पिता को घर से बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय और सुशासन तिहार शिविर में शिकायत दर्ज कराई है।

परिजनों के अनुसार, शहीद रमाशंकर सिंह के बलिदान के बाद शासन की ओर से मुआवजा राशि प्रदान की गई थी। इसके साथ ही शहीद की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति भी मिली। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि उस समय परिवार के भरण-पोषण और माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ समय बाद शहीद की पत्नी ने परिवार से दूरी बना ली। परिजनों का दावा है कि इसके चलते शहीद के माता-पिता और भाई को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

परिवार का कहना है कि जिस बेटे ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, आज उसी के माता-पिता को जीवनयापन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने ही घर से बेदखल कर दिया गया, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।

न्याय और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग

शहीद के माता-पिता और भाई ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी स्थिति की जांच करे और यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जन समस्या निवारण शिविर पर शिकायत कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। अब उनकी नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद के माता-पिता से जुड़ा यह मामला पारिवारिक जिम्मेदारियों और उनके सम्मानजनक जीवनयापन को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए है।

शहीद की पत्नी विस्तुरी सिंह

इस संबंध मे विस्तूरी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 2 दिन बाद अपना पक्ष रखूंगी दो दिन बाद फोन करने पर फोन रिसीव नहीं किया।

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